जन्मशती पर विशेष:रेणु एकमात्र साहित्यकार जिनके एक हाथ में कलम, दूसरे में बंदूक दिखाई देती है
पिता के लाए रसगुल्ले के टुकड़े मैं (पप्पू) खेत में इस उम्मीद से बोता था कि पौधा उगेगा, उसमें रसगुल्ला फलेगा
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