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टीकाकरण पंजीकरण के नाम पर हो रही ठगी

कोरोना पर नियंत्रण के लिए टीकाकरण की तैयारी अंतिम चरण में है। लेकिन टीकाकरण के पंजीकरण के नाम पर साइबर ठगी की बात भी सामने आने लगी है। इस बाबत जिले के सिविल सर्जन डॉ. अवधेश कुमार ने आमजनों को सचेत रहने की अपील की है।
सीएस ने बताया कि ऐसी शिकायतें मिली है कि साइबर ठग अपने आप को स्वास्थ्य कर्मी बताकर टीकाकरण पंजीकरण के नाम पर लोगों से आधार संख्या एवं ओटीपी की जानकारी मांग रहे हैं।

उन्होंने कहा ऐसे फोन कॉल आने पर लोग पुलिस को सूचना दें। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि कोविड-19 टीकाकरण पंजीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग से किसी भी तरह का फोन नहीं किया जा रहा है न ही ओटीपी या आधार की सूचना मांगी जा रही है।सिविल सर्जन ने कहा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त मार्ग निर्देश अनुसार प्रथम चरण के टीकाकरण में उच्च्च जोखिम वाले समूह जैसे सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य कर्मियों एवं आंगनबाड़ी कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा। इन समूहों में हेल्थ वर्कर एवं में फ्रंट लाइन वर्कर को शालिम किया गया है।

कोरोना टीकाकरण कार्य का अनुश्रवण पूर्णतः एप आधारित होगा

प्रथम चरण के टीकाकरण के उपरांत 50 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति तथा जो पहले से किसी रोग से ग्रसित हैं, उनका टीकाकरण किया जाएगा। इसके बाद ही आमजनों को वैक्सीन उपलब्ध कराए जाएंगे। सिविल सर्जन ने बताया आगामी दिनो में प्रारंभ किए जाने वाला कोविड-19 का टीकाकरण कार्य का अनुश्रवण पुर्णतः एप आधारित होगा।

टीकाकरण के लिए लाभार्थी का पंजीकरण, वैक्सीन की डिलीवरी से लेकर टीकाकरण तक सम्पूर्ण कार्य डिजिटल होगा । इसके लिए भारत सरकार द्वारा लांच किए गए को-विन एप नाम का डिजिटल प्लेटफार्म उपयोग किया जाएगा। प्रथम चरण के लिए तैयार किए गए हेल्थ वर्कर्स का डाटा भी इस एप से लिंक्ड होगा। को-विन एप में प्रशासनिक, लाभार्थी पंजीकरण एवं टीकाकरण के अलग-अलग माड्यूल मौजूद हैं। एप के माध्यम से ही लाभार्थियों के पंजीकरण से लेकर वेरिफिकेशन तक के पूरे कार्य को पूरा करना जरूरी होगा।



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