एसकेएमसीएच में 7 जनवरी को खून की कमी से बच्ची की मौत हुई तो मेडिकल के 50 स्टूडेंट्स ने रक्तदान कर पेश की मिसाल
एसकेएमसीएच में खून की कमी से एक बच्ची की माैत के बाद ब्लड देने के लिए यहां पढ़ाई कर रहे मेडिकल छात्र आगे आए। सभी ने मिलकर ग्रुप बनाया और प्राचार्य डाॅ. विकास कुमार के नेतृत्व में ब्लड बैंक काे 50 यूनिट ब्लड डाेनेट किया। छात्र-छात्राओं की इस पहल की आईएमए समेत कई डाॅक्टराें ने सराहना की।
उन्हाेंने कहा, छात्राें की यह अनाेखी पहल काबिल-ए तारीफ है। दरअसल, दाे दिन पूर्व औराई की एक बच्ची काे जंगली सूअर के काटने से अधिक खून बह गया था। परिजन गंभीर हालत में उसे एसकेएमसीएच लेकर पहुंचे। इलाज के दाैरान डाॅक्टराें ने बच्चे काे तत्काल खून चढ़ाने की सलाह दी।
इस पर बच्चे की मां ब्लड बैंक गई, लेकिन वहां खून नहीं हाेने की बात कही गई। इसके बाद वह डाॅक्टर, मरीजाें के परिजनाें व दवा दुकानदाराें के पास राे-राेकर एक यूनिट ब्लड देने के लिए कहती रही, लेकिन नहीं मिला। इस बीच बच्चे की माैत हाे गई।
ब्लड बैंक काे फूल-गुब्बारे से सजाया
खून की कमी से बच्ची की मौत की जानकारी जब छात्राें काे हुई ताे शनिवार काे छात्राें ने विमर्श कर प्राचार्य से मिलकर रक्तदान करने की बात कही। सहमति मिलने पर ब्लड बैंक काे सजाया गया और ब्लड देने का सिलसिला शुरू हुआ। रक्तदान शिविर का शुभारंभ प्राचार्य डाॅ. विकास कुमार व उपाधीक्षक डाॅ. बीएस झा ने किया।
फिर देखते ही देखते नेशनल मेडिकाेज ऑर्गनाइजेशन की एसकेएमसीएच इकाई के छात्राें ने 50 यूनिट ब्लड डाेनेट किया। आईएमए अध्यक्ष डाॅ. संजय कुमार ने एनएमओ के छात्राें काे रक्तदान करने के लिए बधाई दी। वहीं, ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष डाॅ. विनाेद कुमार ने छात्राें का उत्साह बढ़ाया।
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