नेचर सफारी के लिए गया की 5369 एकड़ जमीन नालंदा को मिलेगी
राजगीर में नेचर सफारी का काम तेजी से चल रहा है। इसका निर्माण राजगीर और गया जिले के घने जंगल के बीच कराया जा रहा है। यहां बन रहा ग्लास स्काई ब्रिज आकर्षण का केंद्र बन चुका है। नेचर सफारी दो जिले में पड़ता है, इसका खुलासा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीते 19 दिसंबर को नेचर सफारी के निरीक्षण के दौरान हुआ।
उन्होंने प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं सुरक्षा के मद्देनजर नेचर सफारी के भौगोलिक क्षेत्र को नालंदा जिले में ही शामिल करने को कहा। मुख्यमंत्री की पहल पर जिला प्रशासन ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को पत्र लिखा है जिसमें गया जिला के अधीन पड़ रहे नेचर सफारी के 5369.68 एकड़ भू-भाग को नालंदा जिले में स्थानांतरित करने काे कहा है। गया जिले के मोहड़ा अंचल के जेठियन, अतरी अंचल के भोजपुर और चकरा राजस्व गांव की भूमि के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
दोनों जिलों की वन प्रक्षेत्र की भूमि एक दूसरे से सटी
जेठियन घाटी की वनभूमि नालंदा वन प्रमंडल के राजगीर वन प्रक्षेत्र के पहाड़ों से मिले होने से उक्त समस्त वन क्षेत्र को नालंदा वन प्रमंडल के प्रशासनिक नियंत्रण में जोड़ने की योजना है। एकीकृत प्रबंधन एवं विकास की सुविधा को देखते हुए प्रशासनिक एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से उक्त क्षेत्र को गया से नालंदा में स्थानांतरित करने का काम शुरू कर दिया गया है।
दोनों जिलों के चक्कर से लोगों को मिलेगी निजात
गया के नीमचक बथानी अनुमंडल के अतरी और मोरा अंचल के अधीन इस भू भाग को नालंदा जिले में जाने से इसकी व्यवस्था को बनाए रखने में काफी सहूलियत होगी। अब तक इस क्षेत्र में होने वाली किसी प्रकार की गतिविधि को लेकर दोनों जिलाें का चक्कर लगाना पड़ता है। ऐसे में काम को पूरा कर पाने में देरी होती है। वहीं सुरक्षा को लेकर भी दोनों जिलाें को परेशानी उठानी पड़ती है।
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