3 साल में 120 जगहों पर बनेंगे 708 किलोमीटर लंबे बाइपास
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सड़क जाम से निजात के लिए बाइपास, अधिक से अधिक चौड़ाई में बनें मगर यह ध्यान रहे कि कोई भी बाइपास सात मीटर से कम चौड़ाई का नहीं बनाया जाए। जहां जरूरी हो, वहां एलिवेटेड रोड, फ्लाईओवर और आरओबी का भी निर्माण किया जाए। मुख्यमंत्री, सोमवार को 7 निश्चय पार्ट 2 के अंतर्गत ‘सुलभ संपर्कता’ योजना की विभागवार समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने दोहराया-’ऐसी व्यवस्था बने कि राज्य के किसी भी क्षेत्र से राजधानी पटना पहुंचने में अधिकतम पांच घंटे का ही समय लगे।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों का रखरखाव विभाग के माध्यम से ही हो। विभाग के इंजीनियरिंग विंग के लोग इस काम को बेहतर ढंग से करेंगे, जिससे सड़कों की गुणवत्ता बनी रहेगी। स्मूथ ट्रैफिक तथा लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे लाइनों पर रोड ओवरब्रिज का निर्माण तेजी से कराया जाए। उन्होंने दानापुर कैंट के बाइपास के अलावा जेपी सेतु के समानांतर 4 लेन का पुल तथा अन्य योजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री के खास निर्देश
- जरूरी बाइपास के साथ फ्लाईओवर व आरओबी का शीघ्र हो निर्माण
- विभाग के इंजीनियरिंग विंग के जिम्मे हो सड़क की रखरखाव का काम
दानापुर कैंट बाइपास, जेपी सेतु के समानांतर 4 लेन पुल पर रहा जोर
बैठक में पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने ‘सुलभ संपर्कता’ योजना के बारे में विस्तार से बताया। कहा-3 साल में 120 जगहों पर 708 किलोमीटर लंबा बाइपास बनेगा। इस पर 4154 करोड़ खर्च होंगे। 31 बाइपास, एनएच पर होंगे।
89 बाइपास एसएच एवं वृहद जिला पथ पर होंगे। उन्होंने एम्स-नौबतपुर की सहायक टू-लेन सड़क का निर्माण, ओपीआरएमसी 2 (आउटपुट एंड परफारमेंस बेस्ड रोड एसेट्स मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट), रोड ओवरब्रिज, दानापुर कैंट बाइपास एवं विभाग के अन्य कार्यों के संबंध में विस्तार से बताया।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Li724G
via IFTTT

No comments