पता पूछने गई परेशान परीक्षार्थी तो कंधे पर रख दिया हाथ, पटना में BPSC परीक्षार्थी से छेड़खानी भी कर रहे बस और ऑटो चालक
राजधानी पटना के बस अड्डों पर BPSC 66वीं PT देने आए परीक्षार्थियों की सुबह से ही भारी भीड़ है। चौक-चौराहों पर भी काफी संख्या में परीक्षार्थी खड़े हैं। परीक्षा के बहाने बस और ऑटो वाले परीक्षार्थियों से मनमाना किराया तो वसूल ही रहे हैं, महिला अभ्यर्थियों से छेड़खानी करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।
पटना जंक्शन के पास पता पूछने गई एक परेशान परीक्षार्थी तो उसके कंधे पर हाथ रख दिया। पटना में BPSC परीक्षार्थी से छेड़खानी भी करने से बाज नहीं आ रहे हैं बस और ऑटो चालक। सिटी बसों में परीक्षार्थियों की सुबह से ही भारी भीड़ दिख रही है। ऑटो में भी जगह नहीं मिल रही है।
शहर में अनजान परीक्षार्थियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। परीक्षार्थियों को पता नहीं है कि पटना में किस रूट का कितना किराया है। ऐसे में सेंटर पर जल्दी पहुंचने की मजबूरी में वे ज्यादा पैसे देकर किसी तरह परीक्षा केंद्र पर पहुंच रहे हैं। 45 से 50 हजार अभ्यर्थियों का सेंटर राजधानी पटना में पड़ा है। पटना जंक्शन से गांधी मैदान का किराया 10 रुपया है तो कई टेम्पो वाले मौके का फायदा उठाकर दोगुना-तीन गुना तक किराया परीक्षार्थियों से वसूलते देखे गए। एक परीक्षार्थी से जगनपुरा जाने के लिए पटना जंक्शन से टेम्पो चालक 200 रुपए मांग रहा था, जबकि शहर में किसी भी इलाके में जाने के लिए यह किराया काफी ज्यादा है। इसी तरह गायघाट की तरफ से गांधी मैदान तक का किराया 20 रुपया है। बीच में बहुत-सारे स्कूल-कॉलेज हैं, जहां परीक्षार्थियों का सेंटर पड़ा है। टेम्पो वाले परीक्षार्थियों को बोल रहे थे कि कहीं भी उतरेंगे आपको भाड़ा इतना ही लगेगा। आलमगंज, सुल्तानगंज, महेंद्रू कहीं भी उतरने पर इतना ही किराया देना पड़ा।
गली-मोहल्लों के स्कूल-कॉलेज में सेंटर होने का उठाया फायदा
ज्यादातर टेम्पो वाले परीक्षार्थियों से मनमाना किराया इसलिए वसूल रहे हैं कि बगल में सेंटर होने के बाद भी बाहरी छात्रों को पता नहीं है कि किस शॉर्टकट रास्ते से जाएंगे तो पैदल भी पहुंच सकते हैं। ऐसे में गली-मोहल्लों के स्कूल-कॉलेज में सेंटर होने का टेम्पो वाले खूब फायदा उठाते दिख रहे हैं।
विद्यार्थियों से मुनाफा कमाने की होड़
पटना जंक्शन पर विद्यार्थियों से मुनाफा कमाने की होड़ दिखी। प्लास्टिक बिछाकर कलम, कागज और मास्क बेचा जा रहा है। जिस कलम का दाम बाजार में 5 रुपए है, उसे 10 रुपए में बेच रहे थे। 5 रुपए के सर्जिकल मास्क के 10 रुपए ले रहे थे। इतना ही नहीं, 1 रुपए में मिलने वाला सादा कागज यहां 3 से 5 रुपए का हो गया था।
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