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पटना की हवा ‘खतरनाक’, अधिक नमी के कारण बढ़ा प्रदूषण; अब बारिश से ही राहत

हवा में बढ़ती नमी के कारण शहर में प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है। सोमवार को पटना के कई इलाकों में एक्यूआई लेवल 401 से अधिक यानी ‘खतरनाक’ के स्तर पर रहा। वहीं, कई दूसरे इलाकों में एक्यूआई लेवल 301 से अधिक यानी, ‘बहुत खराब’ के स्तर पर रही। पटना का औसत एक्यूआई 354 रहा जो ‘बहुत खराब’ माना जाता है।
दिसंबर के महीने में लगातार चार दिन से पटना देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित 10 शहरों में रहा। हालांकि, अभी भी प्रशासन की ओर से प्रदूषण को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस सघन प्रदूषण से प्राकृतिक रूप से होने वाली बारिश ही राहत दे सकती है।

तारामंडल के आसपास हवा ‘खतरनाक’
पटना शहर के तारामंडल के पास सबसे अधिक वायु प्रदूषण है। सोमवार को शाम 6.05 अपडेट के अनुसार नगर निगम और नगर परिषद क्षेत्र दोनों में से सबसे अधिक एक्यूआई लेवल 443 तारामंडल के पास है। सबसे कम बीआईटी मेसरा के पास 270 है। वहीं गांधी मैदान, पटना सिटी, इको पार्क और दानापुर डीआरएम ऑफिस के पास एक्यूआई लेवल 301 से अधिक रहा। इन जगहों की हवा बहुत खराब है।
अधिक नमी के कारण बढ़ा प्रदूषण
वायुमंडल के सबसे निचली परत में गैसों की चादर सी बन गई है। सड़कों पर उड़ती धूल, धुआं और कूड़ा जलने से वायु मंडल में हानिकारक गैसों का घनत्व बढ़ता जाता है। हवा चलने या बारिश होने पर ही कुछ दिन के लिए राहत मिल सकती है। - जेएन जायसवाल, वायु प्रदूषण विशेषज्ञ, बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड



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Patna's air 'dangerous', increased pollution due to excess moisture; Now relief from rain


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