अस्पतालों के पल्मोनरी विभाग में आ रहे 70 से 80 फीसदी मरीजों को सर्दी, खांसी और हल्का बुखार
ठंड बढ़ने की वजह से सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। यह सब वायरल इंफेक्शन के कारण हो रहा है। लेकिन इस बीच मरीजों को कोरोना का डर भी सता रहा है। आईजीआईएमएस और पीएमसीएच के पल्मोनरी विभाग में करीब 70 से 80 फीसदी मरीज इसी तरह की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
अधिकांश लोग एलर्जिक राइनाइटिस से पीड़ित हो रहे हैं। इसमें नाक बहना, छींक, आंख से पानी निकलने, सिर भारी या फिर गले में खराश होने की शिकायत मरीज करते हैं। पीएमसीएच के वरीय पल्मोनोलोजिस्ट डॉ. बीके चौधरी के मुताबिक अगर गले में दर्द व सूखी खांसी के साथ बुखार हो तो जांच अवश्य करानी चाहिए।
ठंड के मौसम में होता है ‘एलर्जिक राइनाइटिस’
एलर्जिक राइनाइटिस भी वायरल इंफेक्शन है। कोल्ड एक्सपोजर के कारण परेशानी शुरू होती है। खासकर उनलोगों को ज्यादा परेशान करता है जिनकी इम्युनिटी कमजोर है। ठंड शुरू होने या फिर मौसम में बदलाव आने की वजह से इस तरह की समस्या होती है। परेशानी बढ़े तो तुरंत चिकित्सीय सलाह ले लेनी चाहिए।
डॉ. मंडल की माने तो इसमें सुबह और शाम नाक बहने या फिर छींक आने की शिकायत मरीज करते हैं। वैसे भी सुबह और शाम में ठंडी हवा चलती है। वरीय फिजिशियन डॉ. राजीव रंजन के मुताबिक इसमें नाक बहने या सर्दी खांसी से निजात दिलाने के लिए एंटी एलर्जिक दवा दी जाती है। जिससे मरीज को राहत मिलती है। जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक भी चलाना पड़ता है। मरीज को सुबह और शाम में ठंड से बचने और गर्म (सुष्म) पानी पीने की सलाह दी जाती है।
अंतर क्या है
- कोरोना-कोरोना के मुख्य लक्षण में हल्का बुखार, ड्राई कफ, दम फूलने और सर्दी- खांसी की शिकायत, ऑक्सीजन लेवल का गिरना
- वायरल- बुखार, सर्दी, खांसी, कफ (बलगम) निकलने वाली खांसी
- डेंगू-डेंगू में तेज बुखार, सिर और शरीर में तेज दर्द होता है
ऑक्सीजन लेवल चेक करें
- बुखार और सर्दी खांसी हो तो ऑक्सीजन लेवल जरूर चेक करें
- खाने में स्वाद आ रहा है कि नहीं यह चेक करें
- डॉक्टर से फोन कर सलाह लेने की कोशिश करें
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