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मुख्य आराेपी अमित और रजनी प्रिया के 15 जगहाें पर हैं 2.62 कराेड़ की जमीन व मकान, आज हाेंगे जब्त

सृजन घाेटाले के मुख्य आराेपी अमित कुमार और रजनी प्रिया की संपत्ति गुरुवार काे जब्त हाेगी। इसके लिए सदर एसडीओ ने नाथनगर, सबाैर और जगदीशपुर के सीओ काे मजिस्ट्रेट के रूप में प्रतिनियुक्ति किया है। साथ ही सात थानाें की पुलिस की भी तैनाती की गई है।

इनमें काेतवाली, इशाकचक, जाेगसर, तिलकामांझी, ओद्याैगिक क्षेत्र, सबाैर, नाथनगर के थानेदार काे निर्देश दिया गया है कि संबंधित संपत्ति के जब्त हाेने के बाद रिसीवर के रूप में रहेंगे। प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस पदाधिकारी समेत सशस्त्र बल की प्रतिनियुक्ति भी की गई है। संपत्ति जब्त करने के लिए सीबीआई के पुलिस सब इंस्पेक्टर दिवेश कुमार ने एक अक्टूबर काे डीएम काे पत्र भेजा था।

इसमें सीबीआई के स्पेशल काेर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अभियुक्त अमित कुमार और रजनी प्रिया की संपत्ति जब्त करने काे कहा गया है। इसी कड़ी में डीएम ने सके बाद डीएम ने एक अक्टूबर काे एसएसपी और सदर एसडीओ काे इस दिशा में कार्रवाई के लिए छह अक्टूबर काे पत्र भेजा। इसकाे लेकर अब पहल की गई है। इसमें अमित और रजनी प्रिया की तीनाें अंचलाें और तीन वार्डाें में 15 जगहाें पर करीब 2.62 कराेड़ की संपत्ति जब्त की जाएगी।

इनमें आठ जगहाें पर अमित कुमार और छह जगहाें पर रजनी प्रिया के नाम से संपत्ति है। जबकि दाे जगहाें पर अमित कुमार की संपत्ति में बिपिन शर्मा भी पार्टनर है। इनमें जमीन, मकान, फ्लैट शामिल है। ये सब संपत्ति 2009 से 2016 तक बनाई गई। सभी जब्त संपत्ति की इंवेंट्री तैयार की जाएगी।

जानिये, सरकारी खजाने की लूट से घाेटालेबाजाें ने कहां-कहां और कितने की बनाई संपत्ति
1. खलीफाबाग की सुशीला शर्मा से 24 नवंबर 2009 काे अमित कुमार ने वार्ड नंबर 29 में 155 वर्गफीट की दुकान खरीदी। इसकी कीमत 3.34 लाख रुपए है।
2. बहरपुरा के माे. मेराज खान से एक दिसंबर 2009 काे अमित कुमार ने वार्ड-33 में 3.908 डिसमिल जमीन खरीदी। जिसकी कीमत उस वक्त 4.43 लाख रुपए थी।
3. अंगिका विहार बिल्डिंग के पीके घाेष से 6 जुलाई 2011 में सबाैर के फतेहपुर में अमित कुमार ने 18 लाख 60 रुपए की कीमत से फ्लैट ली।
4. 12 नवंबर 2011 में जीराे माइल के माे. जावेद वासेय से अमित कुमार ने सबाैर के फतेहपुर में 4.5 डिसमिल जमीन खरीदी। जिसकी कीमत 4.5 लाख रुपए है।
5. 21 जुलाई 2014 में जीराे माइल के माे. जावेदन वासनेय से रजनी प्रिया ने फतेहपुर में 2.852 डिसमिल जमीन 16 लाख रुपए में खरीदी।
6. 7 नवंबर 2011 में खलीफाबाग के पुरुषाेत्तम प्रसाद सिंह से साई कंस्ट्रक्शन के पार्टनर अमित कुमार और बिपिन कुमार ने वार्ड-20 में 907.5 वर्गफीट जगह 22 लाख 54 हजार रुपए में ली थी।
7. खलीफाबाग के ही सत्यदेव प्रसाद सिंह से 7 नवंबर 2014 काे वार्ड-20 में अमित कुमार और बिपिन कुमार ने मिलकर 2.466 डिसमिल जमीन 30 लाख रुपए में खरीदी।
8. 9 फरवरी 2015 काे नाथनगर के दाेगच्छी के भुवनेश्वर यादव से अमित कुमार ने पुरानी सराय के पास 11.75 डिसमिल जमीन खरीदी। जिसकी कीमत 4.64 लाख रुपए है।
9. 4 मार्च 2015 काे मनाेरमा देवी से गिफ्ट के रूप में बेटे अमित कुमार और बहु रजनी प्रिया काे वार्ड-33 में 3.312 डिसमिल जमीन पर बना हुआ मकान मिला। जिसकी कीमत 64 लाख रुपए है।
10. 28 अगस्त 2015 काे गायत्री हाेम्स इंडिया के काैशल किशाेर सिन्हा से रजनी प्रिया ने वार्ड-31 में फ्लैट खरीदी। जिसकी कीमत 34.76 लाख रुपए है।
11. सबाैर के फतेहपुर के माे. समीम से 16 फरवरी 2016 में फतेहपुर में रजनी प्रिया ने 3.8755 डिसमिल जमीन खरीदी। जिसकी कीमत 7.76 लाख रुपए है।
12. अभिषेक कुमार से रजनी प्रिया ने सबाैर के फतेहपुर में 16 फरवरी 2016 काे 9.4093 डिसमिल जमीन खरीदी। जिसकी कीमत 18.82 लाख रुपए है।
13. सहदेव यादव से रजनी प्रिया ने 6 अगस्त 2011 काे विक्रमशिला काॅलाेनी में 1.45 लाख रुपए से मकान खरीदी।
14. 11 मई 2012 काे बनवारी साह से रजनी प्रिया ने वार्ड-33 में 9.60 लाख से जमीन खरीदी।
15. 26 अगस्त 2013 काे पिंकी कुमारी से अमित कुमार ने सबाैर में 10.90 डिसमिल जमीन 21.80 लाख रुपए में खरीदी।

सीबीआई ने चार विभागाें से मांगी कर्मियाें की रिपाेर्ट, हाेगी पूछताछ

सृजन घाेटाले से जुड़े विभिन्न विभागाें की जांच कर रही सीबीआई के आईओ बदल जाने से दाेबारा से कागजात की मांग की जा रही है। इसकाे लेकर एक बार फिर से सीबीआई ने चार विभागाें के कर्मियाें की सीबीआई ने रिपाेर्ट मांगी है, ताकि उन सबसे पूछताछ की जा सके। इनमें डीआरडीए, सामाजिक सुरक्षा काेषांग, निर्वाचन और कल्याण विभाग के कर्मी शामिल हैं। भेजे गए पत्र के माध्यम से कुछ चेक संख्या बताया गया है। साथ ही पूछा गया है कि जिन कर्मियाें ने उन चेकाें काे प्राप्त किया था, उसकी रिपाेर्ट दें।

इसी कड़ी में सभी संबंधित रिपाेर्ट तैयार करने में जुट गया है। कुछ विभागाें ने रिपाेर्ट तैयार कर भेज दिया है। बाकी भी इसकी तैयारी में जुटे हैं। सीबीआई ने डीआरडीए डायरेक्टर काे भी पत्र भेजा है। इसका जवाब भी सीबीआई काे भेज दिया गया। इसमें कहा गया है कि डीआरडीए से जारी चेक प्रखंड के नाजिर स्व्यं अथवा प्रखंडस्तरीय कर्मियाें के माध्यम से चेक निर्गत पंजी में हस्ताक्षर करते हुए प्राप्त करते रहे हैं। संबंधित चेक प्राप्त करनेवाले कर्मी का हस्ताक्षर चेक निर्गत पंजी में अंकित है, जिसकी मूल काॅपी पूर्व में सीबीआई दिल्ली मुख्यालय काे भेजी जा चुकी है।

इसलिए उसकी फाेटाे काॅपी भेजी जा रही है। पूर्व में भी सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक एके उपाध्याय काे 23 सितंबर 2019 के माध्यम से ही उपलब्ध करा दी गई थी। बता दें कि जिन कर्मियाें के बारे में जानकारी मांगी जा रही है, उन सबसे सीबीआई पूछताछ करेगी और दाेषी पाए जाने पर उनलाेगाें के खिलाफ पूर्व में दाखिल चार्जशीट के साथ पूरक आराेप पत्र गठित किया जाएगा।



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