शिशु का मानसिक विकास भी मां के आहार पर होता निर्भर : संगीता मिश्रा
बच्चों को बेहतर पोषण प्रदान कराने के उद्देश्य से प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान धात्री व गर्भवती महिलाओं को पोषण पर आवश्यक सलाह दी गई। वहीं साफ़-सफाई पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रखंड के आंगनवाड़ी केंद्र पर गोदभराई कार्यक्रम के दौरान सेविका ने गोदभराई की रस्म अदा की। महिला पर्यवेक्षक संगीता मिश्रा ने बताया कि गोदभराई कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को इस बात की जानकारी दी गई कि गर्भावस्था में मां का आहार शिशु के स्वास्थ्य का आधार बनता है।
गर्भवती या धात्री मां के संपूर्ण आहार का असर शिशु के लंबाई, ऊंचाई पर सकारात्मक रूप से पड़ता है। शिशु का मानसिक विकास भी मां के आहार पर निर्भर करता है। गर्भधारण करने से पहले दंपतियों को कई बातों का ख्याल रखना चाहिए। ऐसा करने से जच्चा-बच्चा दोनों को कई तरह की बीमारियों से बचाया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं को तीन महीने तक रोजाना आयरन व फॉलिक एसिड की एक गोली लेना जरूरी है ताकि उन्हें आयरन की कमी न हो। प्रसव के दौरान आयरन की कमी घातक हो सकती है।
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