तेजस्वी सबसे पहले 10 लाख नौकरी पास करने वाले थे, नीतीश ने सिर्फ विधानसभा सत्र की तारीख पर मुहर लगाई
नई नीतीश सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक मंगलवार की सुबह 12 बजे संपन्न हो गई। बैठक सिर्फ 21 मिनट चली। इसमें फैसला लिया गया कि इस सरकार का पहला विधानसभा सत्र 23 से 27 नवंबर तक चलेगा। कैबिनेट की बैठक तो हो गई,लेकिन अभी तक नए मंत्रियों को उनके मंत्रालयों का बंटवारा नहीं किया गया है। उम्मीद की जा रही थी कि नीतीश कुमार अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कोई बड़ा फैसला लेंगे। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। बैठक से निकलने के बाद सभी मंत्री मीडियाकर्मियों से बचते नजर आए। किसी ने कुछ भी नहीं बोला।
बिहार चुनाव में राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने घोषणा की थी कि कैबिनेट की बैठक में पहली कलम से वे बिहार के बेरोजगार युवाओं के लिए 10 लाख सरकारी नौकरियों की वैकेंसी निकालेंगे। हालांकि, तेजस्वी का मुख्यमंत्री बनने का इस बार सपना पूरा नहीं हुआ। तेजस्वी की इस घोषणा के मद्देनजर पूरे बिहारवासियों की नजर नवनिर्मित नीतीश मंत्रिमंडल पर थी। लेकिन मंत्रिमंडल की बैठक में विधानसभा सत्र चलाने की औपचारिक फैसला ही लिया गया।
सोमवार को शपथ ग्रहण के बाद ही यह घोषणा कर दी गई थी कि मंगलवार को सुबह साढ़े ग्यारह बजे कैबिनेट की पहली बैठक होगी। हालांकि, यह कैबिनेट छोटा है। नीतीश कुमार समेत अभी इसमें सिर्फ 15 मंत्री शामिल हैं। देखना ये होगा कि इस कैबिनेट में कुल कितने प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है।
कैबिनेट से पहले भाजपा कार्यालय में बैठक
मंगलवार की सुबह कैबिनेट बैठक से पहले भाजपा कार्यालय में पार्टी की बैठक हुई। इसमें भाजपा कोटे से बनाए गए सभी मंत्री शामिल थे। इनमें तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को उप मुख्यमंत्री बनाया जाना है। मंगल पांडेय को संभवत: फिर से स्वास्थ्य विभाग की कमान दी जाएगी।
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