विसर्जन जुलूस पर पुलिस फायरिंग से वोटिंग पर असर का सवाल टाल गए डीआईजी
पहले चरण के मतदान में बिहार के कई नक्सल प्रभावित इलाकों में वोटिंग हुई। जमुई, लखीसराय, मुंगेर सहित कई जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा। इन इलाकों में लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाये गए।
सूर्यगढ़ा विधानसभा के तहत कजरा, चानन और पिरि बाजार अति संवेदनशील क्षेत्र हैं इसलिए मुंगेर रेंज के डीआईजी मनु महाराज फील्ड में निरीक्षण करते आए। इस दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल से खास बातचीत की। नक्सल इलाकों में वोटिंग के समीकरण के साथ कई मुद्दों पर उन्होंने खुलकर बात की लेकिन जब मुंगेर में पुलिस फायरिंग पर बात टाल गए। उनसे बात की अमित जायसवाल ने।
सवालः- नक्सल प्रभावित इलाकों में कैसा रहा मतदान?
मुंगेर, लखीसराय जमुई के छह विधानसभा क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाकों में आते हैं। इसके लिए पहले से ही पैरामिलेट्री के साथ मिलकर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। चुनाव को लेकर स्पेशल वेहिकल का अरेंजमेंट किया गया था। काफी दिन से मेहनत चल रही थी, जिसके कारण पहले चरण के मतदान में लोगों का उत्साह दिखा। कोविड के बावजूद भी लोग अपने घरों से निकल कर आए। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए वोट दिया।
सवालः- जमुई और लखीसराय की क्या स्थिति है?
जमुई और लखीसराय में अब तक वोटिंग परसेंटेज ठीक जा रही है। मुंगेर, धरहरा, लरैयाटाड़, सूर्यगढ़ा, पिरी बाजार के लोगों में मतदान को लेकर उत्साह है। हमलोग कई बूथ घूमे, वहां लोगों में वोटिंग को लेकर जागरूक भी हैं।
सवालः- मुंगेर की बात करते हैं। सोमवार की रात हुई अप्रिय घटना का मुंगेर की वोटिंग परसेंटेज पर कोई असर पड़ा है?
वोटिंग परसेंटेज के बारे में अभी कहना ठीक नहीं होगा। मुंगेर के ग्रामीण इलाकों के साथ शहरी इलाकों में हमने घूम-घूमकर निरीक्षण किया है। लोग निर्भय होकर वोट कर रहे हैं। कोविड के कारण भी लोग कम लोग वोट करने आ रहे हैं।
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